दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में पुलिस ने बेहद हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं। प्रोफेसर ने जिन लोगों को अपने घर में बुलाकर पानी पिलाया, उन्होंने ही उनकी बेरहमी से जान ले ली। इस जघन्य अपराध के पीछे संपत्ति का विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है। आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया था। पुलिस से बचने के लिए वे लगातार अपनी जगह बदलते रहे और काफी यात्राएं कीं। एक अंतर-राज्यीय तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने अंततः इस दंपत्ति को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रोफेसर का अपने घर में स्वागत करना और पानी पिलाना उनके लिए काल बन गया। इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा और विश्वास पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले की बारीकियों को समझने में जुटी है। इस हत्याकांड से शिक्षा जगत और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश और डर व्याप्त है।
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