शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी सांसद संजय राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को दल बदलने के लिए भारी रकम की पेशकश की जा रही है। उनके अनुसार कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में देने की बात कही गई, जबकि कुल प्रस्तावित राशि इससे कहीं अधिक बताई गई। वहीं तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के सांसदों को भी पक्ष बदलने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिए गए। मोइत्रा के अनुसार कथित तौर पर एकमुश्त राशि के साथ मासिक भुगतान का प्रस्ताव रखा गया था। इन आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामला राजनीतिक नैतिकता और दल-बदल की राजनीति को लेकर बहस का विषय बन गया है। विपक्षी दल इन आरोपों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा राजनीतिक माहौल के संदर्भ में महत्वपूर्ण मान रहे हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले को लेकर कोई आधिकारिक जांच घोषित नहीं की गई है। इसके बावजूद बयानबाजी ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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