दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के खिलाफ ‘फार्मगेट’ कांड में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संसद की महाभियोग समिति अपनी पहली बैठक अगले सप्ताह आयोजित करेगी। यह जांच उनके खेत में चोरी गई मुद्रा को लेकर हुए विवाद पर आधारित है। राष्ट्रपति पर पैसे छुपाने और कानून का उल्लंघन करने के आरोप हैं। हालांकि, रामाफोसा ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने जांच समिति के निष्कर्षों को अदालत में चुनौती दे दी है। राष्ट्रपति का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अवैध और राजनीति से प्रेरित है। यह मामला देश की संसद और न्यायपालिका के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है। विपक्षी दल लगातार राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह घोटाला दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में हलचल मचाए हुए है। यदि महाभियोग सफल रहा तो रामाफोसा को पद छोड़ना पड़ सकता है। अब अदालत के फैसले और समिति की कार्यवाही पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। यह मामला लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती की परीक्षा भी है।
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