दंतेवाड़ा शहर के कचरे के प्रबंधन में नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर का सारा कचरा बालूद के पास एक जगह डंप किया जा रहा है, जहां समय-समय पर आग लगा दी जाती है। शुक्रवार को भी डंपिंग स्थल पर आग लगाई गई, लेकिन तेज हवा के कारण आग भड़क उठी। पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया, जिसे शहर से देखा जा सकता था। लोगों में हड़कंप मच गया और पुलिस तथा नगरपालिका को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगरपालिका ने फायर बिग्रेड नहीं भेजा, बल्कि जेसीबी मशीन से मिट्टी डालने की कोशिश की। जेसीबी में डीजल और ऑयल होने से आग और बढ़ सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका ने जानबूझकर फायर बिग्रेड को सूचना नहीं दी। घंटों तक कचरे का ढेर जलता रहा, जिसके बाद अधिकारियों के फोन आने पर नगरपालिका हरकत में आई। सबसे गंभीर मामला मेडिकल वेस्ट के निपटारे का सामने आया है। दंतेवाड़ा के 10 से अधिक पैथोलॉजी लैब और निजी जांच केंद्रों के अपशिष्ट के लिए कोई डीप बरियल पिट या शार्प्स पिट नहीं है। नियमों के उल्लंघन में संक्रमित पट्टियां, सिरिंज, एक्सपायरी दवाएं और मेडिकल कचरा सामान्य कचरे के साथ फेंका जा रहा है। यह खुले में जल रहा है, जिससे जहरीला धुआं फैल रहा है। प्रशासन की इस लापरवाही से जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
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