सीबीएसई की कक्षा 9 और 10 में तीसरी भाषा अनिवार्य किए जाने का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और CBSE को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई त्रिभाषा नीति से छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव बढ़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिका में कहा गया है कि तीसरी भाषा की अनिवार्यता कई छात्रों के लिए बोझिल हो सकती है, विशेषकर उनके लिए जो पहले से ही दो भाषाओं में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। अदालत ने केंद्र और CBSE से इस नीति के पक्ष में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का यह भी तर्क है कि यह नियम शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन करता है। फिलहाल कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है। इस मामले का असर लाखों सीबीएसई छात्रों पर पड़ेगा। शिक्षाविदों का मानना है कि भाषा सीखना जरूरी है, लेकिन तीसरी भाषा को वैकल्पिक रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से नीति में संशोधन की संभावना बढ़ गई है। अगली सुनवाई में केंद्र और CBSE को अपना पक्ष रखना होगा।
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