तमिलनाडु सरकार ने अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। यह कदम खनन गतिविधियों को लेकर मिली शिकायतों और अनियमितताओं के आरोपों के बाद उठाया गया है। सरकार को जानकारी मिली थी कि कुछ खदानें और क्वारियां निर्धारित सीमा से अधिक खनिजों का उत्खनन कर रही हैं। साथ ही पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के भी आरोप सामने आए थे। प्राकृतिक संसाधन, खनिज और खदान विभाग के मंत्री के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान खनन कार्यों की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। आरोप हैं कि कुछ क्षेत्रों में निगरानी तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा था। सरकार अब खनन गतिविधियों पर अधिक कड़ी नजर रखने की योजना बना रही है। अधिकारियों को लाइसेंस, उत्पादन और पर्यावरण मानकों के अनुपालन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध उत्खनन में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खनन कार्य केवल स्वीकृत मानकों और सीमाओं के भीतर ही संचालित हों। इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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