फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने अपनी फिल्म ‘तमाशा’ को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस और जिम्मेदारी महसूस होती है कि कई लोगों ने फिल्म देखने के बाद कॉरपोरेट नौकरी छोड़ दी। इम्तियाज अली के अनुसार, फिल्म का संदेश हर व्यक्ति के लिए अलग तरह से प्रभाव डालता है और कुछ दर्शक इससे गहराई से जुड़ जाते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि रचनात्मक करियर चुनने के बाद अगर लोग सफल नहीं होते, तो इसका असर उनके जीवन पर नकारात्मक हो सकता है। ‘तमाशा’ को लेकर उन्होंने कहा कि यह अब एक कल्ट फिल्म बन चुकी है और इसके थीम्स लोगों को अपनी असंतुष्टि और जीवन की उलझनों पर सोचने पर मजबूर करते हैं। निर्देशक ने यह भी बताया कि दर्शक अक्सर फिल्म को अपनी व्यक्तिगत कहानी की तरह देखते हैं। इम्तियाज अली ने अपनी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का भी जिक्र किया, जो स्मृति, पलायन और भावनात्मक नुकसान जैसे विषयों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कहानियां लोगों को प्रेरित भी करती हैं और कभी-कभी उन्हें मुश्किल फैसलों की ओर भी ले जाती हैं। इस बातचीत में उन्होंने सिनेमा के प्रभाव और उसकी जिम्मेदारी पर भी विचार साझा किए।
Source: Source