डीबीआरएएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) देविंदर सिंह ने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान संघ (IAFS-2026) सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारत की आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 पर प्रस्तुति दी। इस अधिनियम से उन्नत बायोमेट्रिक्स के जरिए फोरेंसिक जांच का आधुनिकीकरण हुआ है। प्रो. सिंह ने तकनीकी प्रगति को संवैधानिक सुरक्षा उपायों के साथ संतुलित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि इस तालमेल से ही मजबूत न्याय प्रणाली बन सकती है। उनके संबोधन को विशेषज्ञों ने सराहा। इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रो. सिंह का प्रतिनिधित्व भारतीय विधि एवं फोरेंसिक क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनके प्रयासों से भारत की वैज्ञानिक अपराध जांच की छवि मजबूत हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
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