भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (बीएमडी) क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में स्थान बना लिया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तीन महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए। इन परीक्षणों के माध्यम से बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह प्रणाली विभिन्न प्रकार के शत्रु मिसाइल खतरों से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। अलग से नौसेना की मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (एनएएसएम-एमआर) का पहला उड़ान परीक्षण भी सफल रहा। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक नेविगेशन क्षमता का प्रदर्शन किया। मिसाइल ने समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ान भरते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता दिखाई। अंतिम चरण में इसने समुद्री लक्ष्य पर उच्च सटीकता के साथ प्रहार किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बहुस्तरीय बीएमडी क्षमता का सफल प्रदर्शन भारत की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करता है। उनके अनुसार इन परीक्षणों में कई महत्वपूर्ण तकनीकों का सफल सत्यापन किया गया है। यह उपलब्धि देश की सामरिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करेगी। भारत की उन्नत रक्षा तकनीकों के विकास की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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