रायपुर में डानकुनी-सूरत रेल माल गलियारे के लिए जमीन अधिग्रहण से पहले कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुआवजा बढ़ाने के लिए कृषि भूमि का डायवर्जन किया गया। कलेक्टर की ओर से स्पष्ट प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद डायवर्जन किए जाने का दावा किया गया है। आरोप एसडीएम नंद कुमार चौबे की भूमिका को लेकर भी लगाए जा रहे हैं। कथित तौर पर कृषि भूमि को व्यावसायिक उपयोग की जमीन के रूप में दर्ज किया गया। इससे अधिग्रहण के दौरान मिलने वाले मुआवजे में भारी बढ़ोतरी हो सकती थी। मामले में मुआवजा राशि करीब 40 गुना तक बढ़ने की बात सामने आई है। इससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अब पूरे प्रकरण की जांच की मांग जोर पकड़ रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि डायवर्जन नियमों के तहत हुआ या प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। मामले की निष्पक्ष जांच से ही कथित मुआवजा बढ़ाने की कोशिश की वास्तविकता सामने आएगी।
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