आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए किसी एक खिलाड़ी, कप्तान या रणनीति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां नए खिलाड़ियों को लगातार अवसर दिए जा रहे हैं। प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने टीम के संतुलन को प्रभावित किया है। वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण कई अनुभवी खिलाड़ियों को आराम भी दिया गया। इससे टीम संयोजन में लगातार बदलाव देखने को मिले। नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने के लिए समय की जरूरत है। बार-बार टीम में बदलाव से स्थिरता और तालमेल प्रभावित हुआ है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का फोकस भविष्य के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने पर भी है। ऐसे में मौजूदा चुनौतियों के बावजूद यह दौर टीम इंडिया के दीर्घकालिक निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
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