अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता जल्द ही होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस समझौते को लेकर कई मध्यस्थ देशों की भूमिका अहम रही है और बातचीत में कुछ प्रगति भी हुई है। प्रस्तावित डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। तेहरान का कहना है कि वार्ता जारी है लेकिन शर्तों पर सहमति नहीं बनी है। दूसरी ओर ट्रंप ने दावा किया है कि समझौते के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों पर सहमति बन चुकी है। पाकिस्तान ने भी मध्यस्थता के जरिए बातचीत आगे बढ़ने की बात कही है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास बना हुआ है। स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है और अंतिम समझौते के लिए आगे की बातचीत जरूरी है।
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