अनुभवी अभिनेता टॉमी ली जोन्स ने अपनी अनोखी निर्देशन शिक्षा का राज़ बताया। उन्होंने 50 से अधिक निर्देशकों को बारीकी से देखकर उनकी गलतियों और सफलताओं का विश्लेषण किया। इस दशकों लंबी प्रक्रिया से उन्होंने एक सरल दर्शन निकाला: ‘बस बुरे हिस्से को हटा दो।’ इस व्यावहारिक दृष्टिकोण ने उनके निर्देशन में पदार्पण को आलोचनात्मक प्रशंसा दिलाई। जोन्स कहते हैं कि हर सेट से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। उनके अनुसार, सबसे बड़ी कला यह जानना है कि क्या नहीं दिखाना है। इसी सोच ने उन्हें हॉलीवुड में एक सम्मानित फिल्मकार बनाया। यह उद्धरण रचनात्मकता और अनुशासन के संतुलन का शानदार उदाहरण है।
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