भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर ने टी20 टीम की कप्तानी को एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कप्तान बनने के बाद भी वह अपनी सोच और व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं करेंगे। अय्यर का मानना है कि उनकी प्रतिस्पर्धी मानसिकता और मुंबई की क्रिकेट संस्कृति ने उन्हें जीत का जज्बा दिया है। उन्होंने कहा कि यही स्वभाव आगे भी उनके नेतृत्व की पहचान रहेगा। अय्यर के अनुसार कप्तानी का मतलब खुद को बदलना नहीं, बल्कि अपनी खूबियों का बेहतर उपयोग करना है। उन्होंने इस नई भूमिका को उत्साह के साथ स्वीकार किया है। भारतीय टीम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व की बात है। यह नियुक्ति उनके करियर में शानदार वापसी का प्रतीक भी मानी जा रही है। कुछ समय पहले वह टी20 अंतरराष्ट्रीय योजनाओं से बाहर नजर आ रहे थे। अब टीम की कमान संभालना उनके लिए एक बड़ा अवसर है। अय्यर ने संकेत दिया कि वह आक्रामक और सकारात्मक सोच के साथ टीम का नेतृत्व करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य टीम को लगातार सफलता दिलाना और खिलाड़ियों में जीत की मानसिकता विकसित करना है।
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