जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर बैठक आयोजित की। यह बैठक विश्व स्वास्थ्य भागीदारों के सहयोग से सिविल अस्पताल के डीएनबी कार्यालय में हुई। सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने 100 दिनों के निक्षय शिविर और सक्रिय केस खोज अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. गर्ग ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक साझा सामाजिक मिशन है। उन्होंने हर मरीज की शीघ्र पहचान और मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। लक्ष्य यह है कि कोई भी मरीज उपचार से वंचित न रहे। जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. वनिंदर रियाड़ ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां तेज करने की बात कही। जिला टीबी अधिकारी डॉ. परमवीर ने मरीजों के रेफरल, जांच और नियमित दवा पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया। उन्होंने टीबी मरीजों के निकट संबंधियों के परीक्षण को भी अनिवार्य बताया। डिप्टी एमईआईओ गुरजीत कौर और एसीएफ कोऑर्डिनेटर डॉ. जोती ने सभी विभागों के अधिकारियों का धन्यवाद किया। इस बैठक से टीबी उन्मूलन के लिए समन्वय को मजबूत करने की उम्मीद है।
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