तृणमूल कांग्रेस में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बागी सांसद शताब्दी रॉय का भावुक बयान सामने आया है। पार्टी से अलग होने के फैसले पर उन्होंने अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कीं। शताब्दी रॉय ने कहा कि उन्हें ममता बनर्जी की बहुत याद आएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि भावनात्मक रूप से यह फैसला उनके लिए आसान नहीं है। सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी के साथ उनका लंबे समय का राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। पार्टी छोड़ने के बावजूद उन्होंने टीएमसी नेतृत्व के प्रति सम्मान जताया। शताब्दी रॉय ने माना कि भावनाओं के स्तर पर उन्हें लगता है कि वह गलत हो सकती हैं। उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। टीएमसी में हाल के दिनों में कई नेताओं और सांसदों के असंतोष की खबरें सामने आई हैं। ऐसे माहौल में उनका भावुक संदेश खास महत्व रखता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर चल रहे बदलावों का संकेत मान रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से कुछ नहीं कहा। उनके बयान से साफ है कि टीएमसी से दूरी बनाने के बावजूद भावनात्मक संबंध पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
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