हरियाणा के झज्जर सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी लेखाकार को बर्खास्त कर दिया है। लेखाकार अखिल पर 19.14 लाख रुपये के गबन का आरोप है। आरोप है कि निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए रक्त के बदले मिलने वाली सरकारी राशि सरकारी खाते में जमा नहीं कराई गई। शुरुआती जांच में करीब तीन वर्षों तक रकम के गबन की पुष्टि हुई है। जांच के अनुसार, चार्ज हटाने के आदेश के बाद भी आरोपी राशि का संग्रह करता रहा। बाद में खाते में लगातार कम राशि मिलने पर अधिकारियों को गड़बड़ी का संदेह हुआ। जांच में सरकारी खाते में नियमित रूप से राशि जमा न होने का खुलासा हुआ। मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के बाद विभाग ने आरोपी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई भी जारी है।
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