जैसलमेर में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तीन दिनों तक भीषण रेत का तूफान बना रहा, जिससे सोनार किला पूरी तरह धूल और रेत में घिर गया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण लोगों में दहशत का माहौल रहा और सामान्य जनजीवन ठप हो गया। वहीं, रामगढ़ क्षेत्र में लगातार दिनों तक मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे व्यापक नुकसान हुआ। इन मौसमी घटनाओं ने बिजली संकट को और गहरा कर दिया, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूरे जिले में हजारों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे ग्रामीण इलाके अंधेरे में डूबे रहे। प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया है और तेजी से बहाली कार्य शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अभी तक सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। रेत के तूफान और बारिश के कारण कई सड़कें भी बंद हो गईं, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।
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