अभिनेत्री एडिन रोज ने हिंदी फिल्म उद्योग में अपने अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। ‘जेलर 2’ में नजर आने वाली एडिन ने कहा कि उन्हें बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार, कुछ प्रोजेक्ट्स उनसे केवल इसलिए छीन लिए गए क्योंकि उनका शरीर पारंपरिक मानकों से अलग माना गया। अभिनेत्री ने बताया कि उनसे अपने शरीर के कुछ हिस्सों का आकार कम करने के लिए कहा गया था। उन्होंने इसे अव्यावहारिक और अनुचित मांग बताया। एडिन का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों ने उन्हें निराश किया, लेकिन उन्होंने खुद को बदलने का दबाव स्वीकार नहीं किया। उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की सराहना करते हुए कहा कि वहां उन्हें अधिक सम्मान और स्वीकार्यता मिली। उनके मुताबिक, साउथ सिनेमा में प्रतिभा और व्यक्तित्व को ज्यादा महत्व दिया जाता है। एडिन ने कहा कि वहां काम करते हुए उन्हें सहज और स्वागतयोग्य माहौल का अनुभव हुआ। अभिनेत्री का मानना है कि कलाकारों को उनकी अभिनय क्षमता के आधार पर अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने उद्योग में शरीर को लेकर बने पूर्वाग्रहों पर भी सवाल उठाए। एडिन ने कहा कि विविध शारीरिक बनावट वाले लोगों का प्रतिनिधित्व मनोरंजन जगत में जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ फिल्म उद्योग अधिक समावेशी बनेगा। अभिनेत्री के बयान ने बॉडी पॉजिटिविटी और मनोरंजन उद्योग में सौंदर्य मानकों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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