जींद के नव दुर्गा सीनियर सेकेंडरी स्कूल और नव दुर्गा एजुकेशन सोसाइटी में आर्थिक गबन और धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि संस्था से इस्तीफा दे चुके पूर्व पदाधिकारियों ने फर्जी मोहर बनाकर स्कूल के नाम पर अवैध गतिविधियां चलाईं। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज, उत्तर पुस्तिकाएं और कैश रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिए। सोसाइटी अध्यक्ष शिव नारायण भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बंसी लाल, मीना रानी और कमलेश रानी ने जून 2025 में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद वे खुद को संस्था का पदाधिकारी बताकर काम करते रहे। आरोप है कि पूर्व कैशियर मीना रानी ने कैश बुक, रसीद बुक और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड अवैध रूप से अपने पास रखे। वहीं बंसी लाल ने स्कूल की नकली मोहर तैयार कर उसका गलत इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया कि बंसी लाल और उसके भाई मदन मोहन कौशिक ने स्कूल की मान्यता से जुड़े मूल दस्तावेज और बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं भी गायब कर दीं। अक्टूबर 2025 से आरोपियों ने छात्रों से अवैध रूप से फीस वसूलना शुरू कर दिया। इस दौरान संस्था के पैसों के गबन का भी आरोप लगाया गया है। विवेक कौशिक पर इंस्टाग्राम पर स्कूल की मान्यता खत्म होने की अफवाह फैलाने का आरोप है। इससे स्कूल को आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा और कई छात्रों ने दाखिला नहीं लिया। शिकायत में अध्यक्ष और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने का भी जिक्र किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच और कानूनी राय के बाद पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में कार्रवाई की गई है।
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