चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर चर्चा तेज है। वह ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए करीब सात साल बाद भारत आने वाले हैं। इससे पहले जिनपिंग 2019 में भारत आए थे। 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। ऐसे में जिनपिंग के भारत दौरे को द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने चीन के साथ आगे बढ़ते समय सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया। दौरे के दौरान दोनों देशों के संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। ब्रिक्स सम्मेलन भी भारत और चीन के बीच संवाद का एक मंच बन सकता है। हालांकि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दे अभी भी महत्वपूर्ण हैं। जिनपिंग के दौरे को लेकर भारत की रणनीति पर विशेषज्ञों की नजर है।
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