2011 की सुनामी के बाद जापान ने तटीय सुरक्षा के लिए अरबों डॉलर खर्च कर विशाल कंक्रीट समुद्री दीवारें बनाईं। इन संरचनाओं का उद्देश्य भविष्य की सुनामी और समुद्री आपदाओं से बचाव करना था। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दीवारों से तटीय पारिस्थितिकी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ये बाधाएं रेत और तलछट के प्राकृतिक प्रवाह को रोक रही हैं। इसके कारण कई क्षेत्रों में समुद्र तटों का क्षरण बढ़ रहा है। समुद्री दीवारों ने कुछ स्थानों पर समुद्र और समुद्र तटों के बीच प्राकृतिक संपर्क को भी प्रभावित किया है। वैज्ञानिकों ने आपदा के बाद कुछ इलाकों में वनस्पति और नए दलदली क्षेत्रों के प्राकृतिक पुनर्निर्माण को देखा। विशेषज्ञ अब केवल कंक्रीट संरचनाओं पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक उपायों को शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि तटीय योजना में सुरक्षा ढांचे के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। भविष्य की तटीय नीतियों में प्राकृतिक आवासों को बचाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।
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