प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के साथ होम लोन चुकाने की अवधि भी लंबी होती जा रही है। भविष्य में सैलरी बढ़ने की उम्मीद पर बड़े लोन लिए जाते हैं, जिससे रिटायरमेंट की उम्र और लोन की EMI आपस में टकराने लगती हैं। एक सर्वे के अनुसार, कई लोग रिटायरमेंट के बाद भी होम लोन की किश्तें चुका रहे हैं। ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के कारण पूरी राशि कई गुना अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोन लेते समय अपनी कमाई, खर्च और भविष्य की सेवानिवृत्ति को जरूर ध्यान रखें। 40 की उम्र के बाद 15 साल से अधिक का लोन लेना जोखिम भरा हो सकता है। कोशिश करें कि जल्द से जल्द अतिरिक्त पैसे से लोन प्रीपे करते रहें। रिटायरमेंट से पहले लोन मुक्त होने का लक्ष्य रखें। बैंक से फ्लोटिंग ब्याज दर के बजाय फिक्स्ड का विकल्प चुन सकते हैं। होम लोन बीमा (मॉर्गेज प्रोटेक्शन) लेना भी फायदेमंद होता है।
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