मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बहुचर्चित गोलबाजार क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के मामले को लेकर उच्च न्यायालय ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस संवेदनशील और गंभीर मामले में अब और अधिक मोहलत या समय नहीं दिया जाएगा। मामले की अगली और अंतिम सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है, जिस पर सभी पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं। यह पूरा विवाद गोलबाजार इलाके की बेशकीमती शासकीय भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा करने और अनधिकृत निर्माण कार्य किए जाने से जुड़ा हुआ है। इससे पहले भी इस मामले में अदालत की सख्ती के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जांच व निरीक्षण के आदेश दिए गए थे। कोर्ट के इस कड़े रवैये से अतिक्रमणकारियों और मामले से जुड़े लापरवाह अधिकारियों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं। अदालत के इस रुख से यह साफ हो गया है कि सरकारी जमीन के अवैध मामलों में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगामी 19 नवंबर को होने वाली इस अंतिम सुनवाई में न्यायालय द्वारा कड़े निर्देश या कोई बड़ा ऐतिहासिक आदेश पारित किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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