छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राज्यभर में हॉस्टल, स्कूल और कोचिंग सेंटरों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। अधिकारियों को इन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच करने को कहा गया है। ऑडिट के दौरान भवन की स्थिति और आपातकालीन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। आग से बचाव के इंतजामों की भी जांच की जाएगी। छात्रों की निकासी के लिए उपलब्ध रास्तों और आपातकालीन निकास की स्थिति देखी जाएगी। बिजली व्यवस्था और अन्य संभावित जोखिमों का भी आकलन किया जाएगा। संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी जांच के दायरे में रहेगी। अधिकारियों से ऑडिट की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर कराने के लिए संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए जा सकते हैं।
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