छत्तीसगढ़ में एक भाजपा विधायक ने सरकारी सामूहिक विवाह समारोह में शादी करके सादगी और सामाजिक संदेश का अनूठा उदाहरण पेश किया है। यह समारोह राज्य सरकार की योजना के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें कई जरूरतमंद जोड़ों को एक साथ विवाह बंधन में बांधा गया। विधायक ने भी इसी मंच से विवाह करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों को प्रेरणा मिली। इस आयोजन में मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए और उन्होंने विधायक सहित सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया। विधायक ने कहा कि वे फिजूलखर्ची से बचना चाहते थे और सरकारी योजनाओं का हिस्सा बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते थे। उनकी यह पहल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। सरकारी सामूहिक विवाह समारोह आम तौर पर गरीब और वंचित वर्गों के लिए आयोजित किए जाते हैं। एक सत्तारूढ़ विधायक का इस मंच को चुनना बेहद प्रशंसनीय बताया जा रहा है। समारोह में विधायक और उनकी दुल्हन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी रचाई। सरकार ने इस अवसर पर सभी जोड़ों को घरेलू सामान और वित्तीय सहायता भी प्रदान की। इस पहल से दहेज प्रथा और आडंबरपूर्ण विवाहों के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है। स्थानीय लोगों ने विधायक के इस कदम की खूब सराहना की है। विपक्ष ने भी इसे एक अच्छी पहल बताते हुए सरकार की योजना की तारीफ की। इस घटना ने सामूहिक विवाह को एक नई पहचान दी है। अब देखना यह है कि यह उदाहरण अन्य नेताओं के लिए प्रेरणा बनता है या नहीं।
Source: Source