छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अपराध पीड़ितों को क्षतिपूर्ति राशि नहीं मिलने पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत के सामने 1,099 पीड़ितों की करीब 37 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि लंबित होने का मामला सामने आया। पीड़ित लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से इस संबंध में व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है। सरकार को लंबित राशि जारी करने की प्रक्रिया का स्पष्ट विवरण देना होगा। अदालत ने चार महीने के भीतर राशि जारी करने के लिए समयबद्ध योजना प्रस्तुत करने को कहा है। आदेश का उद्देश्य पीड़ितों को जल्द आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है। अदालत ने क्षतिपूर्ति वितरण में देरी को गंभीरता से लिया है। सरकार को लंबित मामलों और भुगतान की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्रवाई की जानकारी भी अदालत के समक्ष रखी जा सकती है। पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। मामले में अगली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अनुपालन रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
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