छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि पिछले छह महीने से नहीं दी गई है। इससे प्रदेश के लगभग 19 लाख हितग्राही बेहद परेशान हैं और उनके समक्ष घर चलाना मुश्किल हो गया है। पेंशन न मिलने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। ग्रामीण इलाकों में लोग दवा, राशन और दैनिक जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई हितग्राहियों का कहना है कि उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। हितग्राहियों ने जिला प्रशासन और सामाजिक कल्याण विभाग के समक्ष शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत पेंशन जारी नहीं की तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रदेश के कई हिस्सों में हितग्राही सड़कों पर उतर आए हैं और पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी खराबी और बजटीय कमियों के कारण पेंशन रुकी है, लेकिन जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। हालाँकि, पीड़ित परिवार इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और तत्काल रिलीज की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला प्रशासनिक विफलता और गरीबों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
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