छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडेय ने हाथी-मानव संघर्ष कम करने के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल की बात कही है। उन्होंने कहा कि देशभर में उपलब्ध प्रभावी तकनीकों को छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। PCCF ने हाथियों की मौत को चिंताजनक स्थिति बताया और इसे कम करने के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए मोबाइल एप और हाथी मित्र दल काम कर रहे हैं। इन माध्यमों से हाथियों की मौजूदगी की जानकारी पहले से दी जाती है। वन विभाग मानव और वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है। PCCF ने वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि लेमरू एलिफेंट रिजर्व का क्षेत्र बढ़ाकर 1995 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इस परियोजना के लिए केंद्र से अधिसूचना जारी हो चुकी है और जल्द ही काम दिखाई देगा। हसदेव क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर उन्होंने दीर्घकालिक अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
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