छत्तीसगढ़ में बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश के मामलों में तेजी देखी जा रही है। राजधानी रायपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अनुमान है कि प्रदेश में हर साल सर्पदंश के कारण 700 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। हाल के दिनों में भी कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। बारिश के दौरान सांप बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम अधिक बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। झाड़-फूंक और घरेलू उपचार पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलने से जान बचाई जा सकती है। विशेषज्ञ रात में टॉर्च का उपयोग करने और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।
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