छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में आज कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार, सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जा रहा है और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार का यह फैसला जनविरोधी है, जिससे आम जनता, किसानों और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पार्टी ने बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस आंदोलन में कांग्रेस के विधायक, पदाधिकारी और विभिन्न मोर्चा संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। विरोध के अगले चरण में 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। नई दरों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों के लिए भी दरें 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल हाफ योजना का लाभ जारी रहेगा और 400 यूनिट तक खपत वाले करीब 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा। बिजली कंपनी का तर्क है कि प्रति यूनिट बिजली वितरण लागत मौजूदा राजस्व से अधिक है, जिसके कारण यह संशोधन आवश्यक था।
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