छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य कर दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार, राज्य में 1 जुलाई से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बार सरकार ने दायरे का विस्तार करते हुए वन पट्टाधारी, डुबान क्षेत्र के किसान, कोटवार, बटाईदार और संस्थागत किसानों को भी एग्रीस्टैक पोर्टल से जोड़ दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और त्रुटिहीन बनाना है। इस नई प्रणाली से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और वास्तविक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सभी पात्र किसानों को समय पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। पोर्टल के माध्यम से डेटा के सत्यापन से खरीदी में होने वाली धांधली पर रोक लगेगी। कृषि विभाग ने इस दिशा में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बटाईदारों को शामिल करने से उन हजारों छोटे किसानों को राहत मिलेगी जो अब तक सरकारी लाभ से वंचित थे। धान खरीदी से जुड़े तमाम हितधारकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियाएं डिजिटल की जा रही हैं। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से धान खरीदी का पिछला अनुभव बेहतर साबित होगा।
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