छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है। भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ (बेहतर चावल योजना) 1 जुलाई 2026 से प्रदेश में लागू होगी। इस योजना के तहत कुपोषण और एनीमिया से जूझ रहे लोगों को फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से युक्त) चावल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य राज्य की गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में खून की कमी को दूर करना है। इस योजना के अंतर्गत चावल में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन-बी12 और अन्य आवश्यक पोषक तत्व मिलाए जाएंगे। पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के माध्यम से लाभार्थियों तक यह विशेष चावल पहुंचाया जाएगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को इस योजना को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला और मिलों में फोर्टिफिकेशन की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। राज्य के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना कुपोषण के खिलाफ गेम चेंजर साबित होगी। पिछले सर्वेक्षणों में प्रदेश के कई जिलों में गंभीर एनीमिया के मामले सामने आए थे। नई योजना से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं में प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में भी कमी आने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी मिल मालिकों को फोर्टिफिकेशन मशीनें लगाने का निर्देश दे दिया है। इस योजना के तहत प्रदेश के लाखों परिवार लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार इस पर सब्सिडी भी प्रदान करेगी। छत्तीसगढ़ में यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी होगी और इसकी नियमित निगरानी की जाएगी।
Source: Source