छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है। राज्य में अब यह स्पष्ट किया गया है कि जिन हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें सरकारी चावल और अन्य राशन सामग्री का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि अभियान की धीमी प्रगति के कारण अब भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार राज्य में लगभग 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवार हैं, जिनमें अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के कार्ड शामिल हैं। इसके बावजूद करीब 8 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इस वजह से कई जरूरतमंद परिवारों को नियमित राशन मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। लेकिन तकनीकी और जागरूकता की कमी के कारण प्रक्रिया धीमी बनी हुई है। विभाग ने लोगों से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है। कई क्षेत्रों में शिविर लगाकर प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कदम राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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