छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को ₹1 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एक फार्मासिस्ट की शिकायत के आधार पर की गई। आरोप है कि सिविल सर्जन ने काम से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान जाल बिछाकर आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को फिर से उजागर किया।
Source: Source