छत्तीसगढ़ के मल्हार में 50 साल पहले शुरू हुआ था इतिहास की खोज। वर्ष 1975-76 में मध्यप्रदेश पुरातत्व संचालनालय और सागर विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से उत्खनन कार्य किया। इस उत्खनन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन इतिहास को नई पहचान मिली। सागर विश्वविद्यालय के प्रो. के.डी. बाजपेयी के निर्देशन में कई विशेषज्ञों ने इस उत्खनन में भाग लिया। मल्हार में एक कृषक की निजी भूमि पर आपसी सहमति से यह उत्खनन हुआ था। उत्खनन के दौरान कई प्राचीन वस्तुएं मिलीं। यह उत्खनन छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। मल्हार उत्खनन का स्वर्ण जयंती वर्ष शुरू हो रहा है। यह एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है।
Source: Source