अमेरिका और जापान ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अपने रणनीतिक रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने जापान के लिए अमेरिकी ‘न्यूक्लियर अंब्रेला’ यानी परमाणु सुरक्षा आश्वासन को सुदृढ़ करने पर सहमति जताई है। यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा माहौल के बीच उठाया गया है। अमेरिका और जापान ने चीन की बढ़ती परमाणु क्षमता को लेकर चिंता व्यक्त की है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया के मिसाइल और हथियार कार्यक्रमों को भी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बताया गया है। दोनों देशों ने रूस से जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर भी चर्चा की। बैठक में रक्षा समन्वय, प्रतिरोधक क्षमता और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। जापान लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका के रक्षा आश्वासन पर निर्भर रहा है। नई पहल का उद्देश्य संभावित खतरों के खिलाफ संयुक्त तैयारी को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। दोनों देशों ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भविष्य में और विस्तार देने की प्रतिबद्धता भी जताई है। इस फैसले को एशिया-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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