भारत सरकार के एक फैसले के बाद चीनी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। सरकार ने आगामी 2026-27 सीजन के लिए चीनी आधारित इथेनॉल की आपूर्ति पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस फैसले का असर शेयर बाजार में शुगर कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयर पांच प्रतिशत से अधिक गिर गए। रेणुका शुगर्स समेत अन्य चीनी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। नए खरीद नियमों के तहत गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन के लिए नहीं किया जा सकेगा। सरकार इथेनॉल उत्पादन में अनाज आधारित विकल्पों को बढ़ावा देने की रणनीति अपना रही है। इस बदलाव का उद्देश्य चीनी की उपलब्धता को स्थिर बनाए रखना है। चीनी उत्पादन को लेकर अनिश्चितताओं के बीच सरकार आपूर्ति संतुलित रखने पर ध्यान दे रही है। नए नियमों से चीनी कंपनियों के इथेनॉल कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और शुगर शेयरों में बिकवाली बढ़ी।
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