एक दंपती को साइबर ठगों ने कथित तौर पर चार महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान उनसे करीब 64 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी बताकर दंपती को डराया। उन्हें कथित अपराध में फंसने और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया गया। इसके बाद दंपती को लगातार ऑनलाइन निगरानी में रहने के लिए मजबूर किया गया। ठगों ने अलग-अलग बहानों से उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर कराई। चार महीने तक चले इस कथित डिजिटल अरेस्ट के दौरान दंपती को मानसिक दबाव में रखा गया। अंततः उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का पता चला। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। साइबर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान और पैसों के प्रवाह का पता लगाने में जुटी है।
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