भारतीय सैन्य अकादमी में जूनियर अंडर ऑफिसर प्रणय छाबड़ा के सेना की वर्दी पहनने के साथ उनके परिवार की चार पीढ़ियों की सैन्य विरासत का गौरवपूर्ण अध्याय और आगे बढ़ा। उनके परिवार की सैन्य यात्रा द्वितीय विश्व युद्ध के दौर से शुरू हुई थी। सबसे पहले उनके परदादा ने देश की सेवा करते हुए सेना में योगदान दिया। इसके बाद उनके दादा ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया। उनके चाचा ने भी सैन्य सेवा को अपना कर्तव्य बनाया। प्रणय के पिता वर्तमान में मेजर जनरल के पद पर कार्यरत हैं। परिवार की हर पीढ़ी ने साहस, अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की है। यह सम्मान किसी विरासत के कारण नहीं बल्कि कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता से अर्जित हुआ है। प्रणय ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में अपनी सैन्य शिक्षा पूरी की। अब वह अपने परिवार की गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार हैं। उनकी उपलब्धि देशभक्ति और सेवा भावना का प्रेरक उदाहरण मानी जा रही है।
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