चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा रेलवे ओवरब्रिज पर चलती मालगाड़ी के एक वैगन का दरवाजा टूटकर कार पर गिरने के मामले में जांच जारी है। इस हादसे में एक युवती घायल हो गई थी। उत्तर रेलवे की चार सदस्यीय जांच टीम ने मंगलवार को चंडीगढ़ माल गोदाम पहुंचकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इन कर्मचारियों ने मालगाड़ी के 12 वैगन से सामान उतारा था। कर्मचारियों के अनुसार, सामान उतारने के बाद सभी 12 वैगन के दरवाजे अच्छी तरह बंद किए गए थे। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में जिन वैगन से सामान उतारा गया था, उनका दरवाजा नहीं गिरा था। हादसे में मालगाड़ी के दूसरे हिस्से में लगे वैगन का दरवाजा गिरा था। जांच टीम ने लोको पायलट मुकेश कुमार और गार्ड अमित कुमार यादव के बयान भी दर्ज किए। दोनों ने बताया कि रेलवे से फोन आने के बाद उन्हें दरवाजा गिरने और युवती के घायल होने की जानकारी मिली। इसके बाद मालगाड़ी को न्यू मोरिंडा में रोक दिया गया। कर्नाटक से अंबाला होते हुए लुधियाना जा रही इस मालगाड़ी में कुल 44 वैगन थे, जिनमें आयरन-स्टील का सामान लदा था। इनमें से 12 वैगन का सामान चंडीगढ़ में उतारा गया था, जबकि शेष 32 वैगन ढंडारी कलां की ओर जा रहे थे। जांच टीम दरवाजे में तकनीकी खराबी, उपकरणों की खामी, मालगाड़ी की गति, सामान की लोडिंग और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है। टीम ने सोमवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया था और जल्द ही अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी। हादसे के बाद मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचने वाली अजमेर-वंदे भारत ट्रेन लगभग एक घंटे और दिल्ली-शताब्दी एक्सप्रेस करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची।
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