चंडीगढ़ सेक्टर-47 स्थित माउंट कार्मल स्कूल द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2017-18 में की गई फीस बढ़ोतरी को जिला अदालत ने अवैध करार दिया है। इस फैसले से 349 अभिभावकों को राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूल एक साल में अधिकतम 8 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकते हैं। इससे अधिक शुल्क वसूलना या फीस न देने पर छात्रों का दाखिला रोकना गलत माना जाएगा। यह मामला 2017 में तब सामने आया जब स्कूल ने नए सत्र में ट्यूशन फीस में 70 से 80 प्रतिशत तक की वृद्धि की थी। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि फीस लगभग 2700 रुपये से बढ़ाकर 4800–4975 रुपये कर दी गई थी। इसके खिलाफ पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल प्रबंधन, चंडीगढ़ प्रशासन और सीबीएसई के खिलाफ अदालत का रुख किया था। स्कूल ने अपनी ओर से तर्क दिया कि वह निजी संस्थान है और फीस तय करना उसका अधिकार है। हालांकि अदालत ने सरकार के 8 प्रतिशत फीस वृद्धि नियम को मानते हुए फैसला अभिभावकों के पक्ष में सुनाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी छात्र का दाखिला केवल फीस विवाद के कारण नहीं रोका जा सकता।
Source: Source