वैज्ञानिक ग्रीनलैंड में एक बेहद कठिन मिशन के लिए रोबोटों की टीम भेजने जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य ग्लेशियरों के समुद्र से मिलने वाले क्षेत्रों में बर्फ पिघलने की प्रक्रिया को समझना है। इस मिशन में स्वचालित ड्रोन, रोबोटिक नावें, पानी के अंदर चलने वाले वाहन और स्मार्ट सेंसर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे GIANT (Greenland Ice sheet to AtlaNtic Tipping points from ice loss) नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोबोट ऐसे क्षेत्रों से डेटा जुटा सकेंगे जहां इंसानों के लिए पहुंचना बेहद मुश्किल है। इस जानकारी से जलवायु मॉडल को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी। शोधकर्ता भविष्य में समुद्र के बढ़ते स्तर के खतरे को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं। मिशन का लक्ष्य जलवायु परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतों की पहचान करना भी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से रोबोट कठिन परिस्थितियों में अपने रास्ते और काम तय करने में सक्षम होंगे। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अभियान जलवायु अनुसंधान में नई दिशा खोल सकता है। ग्रीनलैंड की तेजी से बदलती बर्फीली परिस्थितियों का अध्ययन वैश्विक पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह तकनीकी मिशन भविष्य की जलवायु चुनौतियों को समझने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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