छत्तीसगढ़ के गौरेला स्थित सेमरा के डी.डी. निजी अस्पताल प्रबंधन पर एक परिवार ने गंभीर लापरवाही और इलाज के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि अस्पताल को 1.6 लाख रुपये का भुगतान करने के बावजूद वे मरीज (महिला) की जान नहीं बचा सके। अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कोताही बरतने और परिजनों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना से आक्रोशित परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने आर्थिक लाभ के लिए उन्हें झूठे आश्वासन दिए, जबकि मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती रही। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसे दुखों का सामना न करना पड़े।
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