गुरुग्राम में 45 वर्षीय महेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस जांच में पुरानी गैंगवार से जुड़ी कई बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, महेंद्र के बड़े बेटे प्रियांशु और सन्नी मंडल ग्रुप पर जनवरी 2025 में पर्व उर्फ बड़ी की हत्या का आरोप लगा था। पर्व की हत्या के बाद उसके साथियों ने अंतिम संस्कार के दौरान बदला लेने की कसम खाई थी। इसके बाद दोनों गुटों के बीच कई बार टकराव और जानलेवा हमले हुए। परिवार को खतरे का अंदेशा था, इसलिए महेंद्र और उसके बेटे चेहरा ढककर घर से निकलते थे। सबसे छोटे बेटे दीपांशु को सुरक्षा के लिए दूसरे राज्य में बुआ के घर भेज दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, विरोधी गुट के बदमाश महेंद्र और उसके बेटे साहिल की पिछले 5-6 दिनों से रेकी कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले साहिल की आरोपियों से मुलाकात भी हुई थी, लेकिन उसे हत्या की साजिश की जानकारी नहीं थी। जांच में सामने आया कि अप्रैल 2025 में दोनों गुटों के बीच सुलह भी हुई थी, लेकिन पुरानी रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई। पुलिस ने महेंद्र के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी विरोधी गुट में नाराजगी की बात सामने आने की जानकारी दी है। पोस्टमॉर्टम के दौरान महेंद्र के पेट से देशी कट्टे की गोली बरामद हुई। बड़े बेटे प्रियांशु ने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आधे घंटे की अंतरिम जमानत मांगी है, जिसका पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विरोध किया है। गुरुग्राम वेस्ट के डीसीपी वाईवीआर चंद्रशेखर के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस इनपुट के आधार पर शूटरों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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