गुजरात विधानसभा ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़ा विधेयक पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम करना है। नई व्यवस्था में सेल्फ-डिक्लेरेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे व्यवसायों को कुछ प्रक्रियाओं में स्वयं घोषणा करने की सुविधा मिलेगी। विधेयक में ऑटो-एस्केलेशन की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके तहत तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर मामला अपने आप उच्च स्तर पर भेजा जा सकेगा। जोखिम आधारित नियमन को भी नई व्यवस्था का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। इससे कम जोखिम वाले कारोबारों पर अनावश्यक नियामकीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाना है। नई व्यवस्था से निवेश और व्यवसाय के लिए अनुकूल माहौल बनाने की उम्मीद है। विधेयक के लागू होने से सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सकती है।
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