IPS अधिकारी मंजिल सैनी ने प्रशासन और पुलिस सेवा में उल्लेखनीय करियर बनाया है। वह 2005 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान UPSC परीक्षा पहली कोशिश में पास की थी। उनके करियर में कई महत्वपूर्ण जांच और वरिष्ठ पुलिस पद शामिल रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच से उन्हें विशेष पहचान मिली। बाद में वह लखनऊ की SSP बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। वर्ष 2017 में उन्होंने मेरठ में अपहृत डॉक्टर को बचाने की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें वर्ष 2024 में गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया। हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान श्रवण साहू मामले को लेकर भी जांच और सवाल उठे थे। इस मामले के बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। वर्ष 2023 में विभागीय जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। मंजिल सैनी का करियर पुलिसिंग, जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने अलग-अलग पदों पर काम करते हुए कई चुनौतीपूर्ण मामलों को संभाला। उनके सेवा रिकॉर्ड में उपलब्धियां और विवाद दोनों शामिल रहे हैं। उनका सफर पुलिस सेवा में जिम्मेदारियों, चुनौतियों और सम्मान का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
Source: Source