वडोदरा के वाघोड़िया रोड इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। महेश राठौड़िया नामक व्यक्ति कबाड़ बीनकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। लंबे समय से बीमारी और गरीबी से जूझ रहे महेश की मौत हो गई। उनकी पत्नी जशोदाबेन के पास अंतिम संस्कार के लिए जरूरी पैसे तक नहीं थे। आर्थिक तंगी के कारण कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। परिवार के रिश्तेदारों ने भी मदद के लिए पहुंचना जरूरी नहीं समझा। शव कई घंटों तक झोपड़ी में पड़ा रहा। गर्मी और समय बीतने के कारण शव से बदबू आने लगी। आसपास के लोगों ने भी दूरी बना ली। मजबूरी में जशोदाबेन ने झोपड़ी के बाहर ही पति का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। महिला ने लकड़ियां और कबाड़ इकट्ठा कर शव को आग के हवाले किया। यह घटना इलाके में गरीबी और सामाजिक संवेदनहीनता की दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई। लोगों ने प्रशासन से गरीब परिवारों के लिए बेहतर सहायता व्यवस्था की मांग की है।
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