छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में करोड़ों रुपये की शासकीय जमीन को गैरकानूनी तरीके से प्लॉट बनाकर बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घोटाला कई सालों से चल रहा था और अब इस खेल का पर्दाफाश हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड और राजस्व व्यवस्था को दरकिनार कर जमीन की तस्करी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व मंत्री ने पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। यह स्पष्ट हो गया है कि रैकेट में कई राजस्व अधिकारी और स्थानीय लोग शामिल हो सकते हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें धोखे से ये प्लॉट बेचे गए जबकि जमीन सरकारी है। अब राजस्व मंत्री के हस्तक्षेप के बाद सख्त कार्रवाई की संभावना बन गई है। फिलहाल, जांच पूरी होने तक किसी के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है। यह मामला प्रशासनिक भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण बन गया है।
Source: Source