पेशे से आर्किटेक्ट हाशिम अहमद ने वास्तु शास्त्र को लेकर अपनी राय खुलकर साझा की है। उन्होंने कहा कि लोगों ने वास्तु को गलत तरीके से किसी एक धर्म या समुदाय से जोड़ दिया है। हाशिम अहमद के अनुसार वास्तु केवल धार्मिक मान्यता नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है। उनका मानना है कि सही तरीके से अपनाया गया वास्तु घर के वातावरण को बेहतर बना सकता है। उन्होंने कहा कि घर की दिशा, रोशनी, हवा और स्थान का संतुलन वास्तु के मूल सिद्धांतों में शामिल है। ये सभी बातें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। हाशिम ने स्पष्ट किया कि वास्तु को किसी विशेष धर्म तक सीमित नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम परिवार भी वास्तु के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से अपनाते हैं। उनके मुताबिक वास्तु का उद्देश्य रहने की जगह को अधिक संतुलित और आरामदायक बनाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक आर्किटेक्चर में भी प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन को प्राथमिकता दी जाती है। यही बातें वास्तु में भी देखने को मिलती हैं। हाशिम अहमद ने समाज से इस विषय को धार्मिक नजरिए से देखने के बजाय वैज्ञानिक सोच के साथ समझने की अपील की। उनका कहना है कि वास्तु का सही उपयोग लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला सकता है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी वास्तु और धर्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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